मुंबई की बारिश को लेकर बिगड़े हालातों पर उद्धव ठाकरे झल्लाए – खुद रोक लो बारिश

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मुंबई: भारी बारिश के बाद मुंबई में धीरे-धीरे हालात सुधर रहे हैं. सब कुछ वापस पटरी पर लौट रहा है, हालांकि आज भी भारी बारिश की चेतावनी है. इससे पहले एक दिन की बारिश ने जैसे मुंबई की कमर ही तोड़ दी. इसके चलते मुंबई और आस पास मरने वालों की संख्या 14 हो गई है, जिनमें पांच लोग मुंबई में मारे गए हैं. 4 लोग ठाणे और 4 लोग पालघर में जान गंवा बैठे हैं. इसके साथ ही पानी उतरने के साथ-साथ जगह कचरे का अंबार लग गया है. गंदे पानी के चलते बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है. पहले से खस्ताहाल मुंबई की सड़कों के गड्डे और गहरे हो गए हैं. सैलाब से जानमाल के साथ-साथ भारी आर्थिक नुकसान की भी आशंका है.

सात लोग हैं लापता
मुंबई में सात लोग लापता भी हैं, जिनमें एक डाक्टर दीपक अमरापुरकर भी हैं, जिनके एक मैनहोल में गिरने की आशंका है. वह पेट से जुड़े मामलों के बेहतरीन डॉक्टरों में से एक माने जाते हैं.

आप रोककर दिखाएं बारिश
शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे आज पार्टी शासित बृहन्मुंबई नगर निगम (एमसीजीएम) की मॉनसून से जुड़ी तैयारियों को लेकर पत्रकारों के सवाल पूछे जाने से भड़क गए. यहां एक संवाददाता सम्मेलन में सवालों की बौछारों से झल्लाये ठाकरे ने संवाददाताओं से कहा, आप खुद रोक लीजिये बारिश. ठाकरे के बयान पर निशाना साधते हुए शहर भाजपा अध्यक्ष आशीष शेलार ने कहा कि कल बारिश की वजह से मची अफरातफरी के लिए वह ‘‘घमंड छोड़ें और माफी मांगें.इससे पहले पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुये शिवसेना प्रमुख ने कहा, …आप बारिश रोकिये तब…मुझे बताइये कि मुझे क्या करना चाहिए. यह मत सोचिये कि मुंबई पर सिर्फ आपका एकाधिकार है. हम लोगों की सेवा करते हैं, यही वजह है कि उन्होंने हमें फिर सत्ता में भेजा. वहीं कल यहां हुई बारिश के बारे में ठाकरे ने आज यह कहकर सबको चौंका दिया कि ‘नौ किलोमीटर की ऊंचाई’ पर बादल शहर पर मंडरा रहे थे और अगर वे फट जाते तो उसका बेहद गंभीर परिणाम होगा.

ठाकरे ने कहा, नौ किलोमीटर ऊंचे बादल कल शहर पर बने हुये थे. अगर कहीं बादल फट जाता तो इसका प्रभाव कहीं ज्यादा होता. ठाकरे के बयान पर टिप्पणी करते हुये भाजपा प्रवक्ता माधव भंडारी ने कहा, ठाकरे को अपनी बात के प्रमाण देने चाहिये क्योंकि जब बादल फटने की बात होती है तो आप हजारों लोगों की सुरक्षा की बात करते हैं. ऐसी टिप्पणियों को हल्के में नहीं लिया जा सकता.