बनारस में होगा 100 तरह के कैंसर का इलाज, पीएम मोदी करेंगे भाभा अस्‍पताल का उद्घाटन

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बनारस में होगा 100 तरह के कैंसर का इलाज, पीएम मोदी करेंगे भाभा अस्‍पताल का उद्घाटन

उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों के लोगों को कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी के इलाज के लिए पहले मुंबई का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में ही टाटा मेमोरियल सेंटर सरीखा कैंसर संस्थान दो हफ्तों के भीतर शुरू हो जाएगा.

अस्पताल से जुड़े लोगों का दावा है कि पूर्वोत्तर भारत के लिए यह कैंसर संस्थान वरदान साबित होगा. सूत्रों के मुताबिक, मोदी जल्द ही इस संस्थान का लोकार्पण कर सकते हैं.  उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, मध्य प्रदेश और झारखंड के कैंसर मरीज अब मुंबई जाने की बजाय बनारस में स्थित संस्थान में अपना इलाज आसानी से करवा सकते हैं.

टाटा मेमोरियल ट्रस्ट की तरफ से बनारस में दो कैंसर संस्थान चलाए जाएंगे. पहले चरण में रेलवे कैंसर संस्थान की जगह लहरतारा में 140 एकड़ में तीन मंजिला भाभा कैंसर अस्पताल बनकर तैयार हो गया है. इसमें अत्याधुनिक मशीनें लगने के साथ ही कर्मचारियों की तैनाती भी हो चुकी है. भूतल पर बने ओपीडी सेंटर में गुरुवार को भूमि पूजन किया गया.

अस्पताल से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अब केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने का इंतजार है. वह इस अस्पताल का लोकार्पण मई के पहले हफ्ते में कर सकते हैं.

इधर, टाटा ट्रस्ट के प्रमुख डॉक्‍टर अम्बुमणि के मुताबिक, ‘180 बेड वाले भाभा कैंसर संस्थान में करीब 100 तरह के कैंसर का इलाज हो सकेगा. इसमें खासतौर पर कैंसर पीड़ित बच्चों और घातक ब्लड कैंसर के इलाज के साथ ही बोन मैरो ट्रांसप्लाट की सुविधा पूर्वोत्तर भारत के लोगों के लिए वरदान साबित होगी. ब्लड बैंक में सारी ऑटोमैटिक मशीनें लगाई गई हैं.’

सूत्रों के मुताबिक, ‘बनारस में खुलने जा रहे इस कैंसर संस्थान में कम खर्च पर बेहतर इलाज करने पर जोर रहेगा. बड़े शहरों में प्राइवेट अस्पतालों की तुलना में यहां इलाज में होने वाला खर्च ढाईगुना कम होगा. इसके संचालन के लिए परमाणु ऊर्जा विभाग सलाना 100 करोड़ रुपये टाटा ट्रस्ट को देगा.’

बनारस में लहरतारा मुख्य मार्ग पर बने कैंसर संस्थान में प्रवेश करते ही ओपीडी है. आखिरी में इमरजेंसी वॉर्ड बनाया गया है. ओपीडी, प्राइवेट डिस्पेंसरी, जनरल डिस्पेंसरी और इमरजेंसी के काउंटर तैयार कर लिए गए हैं. ओपीडी के शुरू होने के 15 दिनों बाद मरीजों को भर्ती करने काम शुरू कर दिया जाएगा.

गौरतलब है कि इसके अलावा बीएचयू परिसर में भी 350 बेड के महामना कैंसर संस्थान के निर्माण की कवायद शुरू हो चुकी है. इसमें करीब 500 करोड़ रुपये की लागत आने की संभावना है. इस संस्थान को 2019 तक शुरू किए जाने की योजना है. इसका संचालन भी टाटा ट्रस्ट ही करेगा.