अहमदाबाद: बच्ची से रेप के बाद यूपी-बिहार के लोगों पर हमला, डर की वजह से गुजरात छोड़ रहे हैं वर्कर्स

31

नई दिल्ली: गुजरात के अहमदाबाद में साबरकांठा जिले में पिछले सप्ताह 14 माह की बच्चे से बलात्कार करने का मामला ऐसा गरमा गया है कि अब वहां से उत्तर प्रदेश और बिहार के सैकड़ों लोग काम-काज छोड़कर गुजरात छोड़ रहे हैं. दरअसल, साबरकांठा जिले में पिछले हफ्ते 14 माह की बच्ची से कथित तौर पर बलात्कार करने के आरोप में बिहार के एक व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद राज्य के कई हिस्सों में गैर गुजरातियों को निशाना बनाया जा रहा है. जगह-जगह उत्तर भारतीयों खासकर यूपी और बिहार के लोगों को वहां की स्थानीय नागरिक निशाना बना रही है और मारपीट कर रही है.

पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि जिन लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, उन गैर गुजरातियों में बिहार एवं उत्तर प्रदेश के रहने वाले लोग खास तौर पर शामिल हैं. सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि करीब यूपी-बिहार के लोगों को निशाना बनाने और  इस तरह के हमले पिछले एक हफ्ते में गांधीनगर, मेहसाना, साबरकांठा, पाटन और अहमदाबाद जिलों में हुए हैं और इन घटनाओं के संबंध में 150 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. अहमदाबाद से 116 किलोमीटर की दूरी पर स्थित साबरकांठा में पुलिस पेट्रोलिंग कर रही है. हालांकि, अब स्थिति नियंत्रण में है.

बता दें कि आरोपी की गिरफ्तारी के एक दिन बाद गांधी नगर, अहमदाबाद, पाटन, साबरकांठा और मेहसाना में गैर गुजरातियों को निशाना बनाने का मामला भड़क उठा.

समाचार एंजेंसी एएनआई से गुजरात पुलिस के डीजीपी शिवानंज झा ने कहा कि हिम्मतमनगर के गम्बोई रेप मामले के विरोध में कुछ लोग उन लोगों को निशाना बना रहे हैं जो दूसरे राज्यों से गुजरात आए हैं.  यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है.  हमने 150 से अधिक ऐसे लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और ऐसे इलाकों में गश्त लगा रहे हैं,  जहां अधिक गैर-गुजराती लोग हैं.

उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर गैर गुजरातियों खासकर बिहार एवं उत्तर प्रदेश के लोगों के खिलाफ घृणा संदेश प्रसारित होने के बाद ये हमले हुए. पुलिस ने बताया कि 28 सितंबर को साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर कस्बे के पास एक गांव में 14 माह की बच्ची से कथित तौर पर बलात्कार हुआ था. उन्होंने बताया कि बिहार के रहने वाले रविंद्र साहू नाम के मजदूर को घटना वाले दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया था. झा ने संवाददाताओं को बताया कि गैर गुजरातियों पर हमले के बाद से राज्य के विभिन्न जिलों में अब तक 18 प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं.