रक्षा मंत्रालय से चोरी हुए राफेल के दस्तावेज, भारत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया

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*टी एम ज़ियाउल हक़

राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है. अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि रक्षा मंत्रालय से कुछ दस्‍तावेज किसी ने चुरा लिए हैं. हम रक्षा खरीद जिसमें राज्‍य की सुरक्षा शामिल है, उससे निपट रहे हैं. ये काफी संवेदनशील मामला है.

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता प्रशांत भूषण और अन्य लोग चोरी हो चुके दस्तावेजों पर भरोसा कर रहे हैं. रक्षा मंत्रालय से चोरी हुए दस्‍तावेज का मामला इतना गंभीर है कि उन्‍हें आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत अभियोजन का सामना करना पड़ेगा.

सुप्रीम कोर्ट में जानकारी देते हुए अटॉर्नी जनरल ने कहा कि हम इस मामले में क्रिमिनल एक्शन लेंगे. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले पर हम किसी नए दस्‍तावेज पर सुनवाई नहीं करेंगे. दरअसल सुनवाई शुरू होते ही वकील प्रशांत किशोर ने सुप्रीम कोर्ट में नए दस्‍तावेज पेश किए, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने से इंकार कर दिया.

इसी बीच कांग्रेस ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि मोदी सरकार की चोरी पकड़ी गई है. साफ हो गया है कि राफेल डील पर रीलायंस एविएशन को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई है. राफेल डील के लिए सरकार ने ज्‍यादा कीमत दी है. वहीं रालोसपा कि श्रीमती शीवानी देवी कहती हैं के मोदी सरकार हर मामले मे विफल रही है और चौकिदार के नज़र के सामने रक्षा मंत्रालय से चोरी हुए राफेल के दस्तावेज चोरी हो जाते हैं

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर में हुई सुनवाई के बाद राफेल सौदे पर मोदी सरकार को क्लीन चिट दे दी थी. कोर्ट ने भारत और फ्रांस के बीच 23 सितंबर 2016 को हुए राफेल विमान सौदे के खिलाफ दायर जांच संबंधी सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया था.

कोर्ट ने कहा था कि राफेल सौदे में निर्णय लेने की प्रक्रिया पर शक करने की कोई वजह नहीं है. कोर्ट ने यह भी कहा कि राफेल लड़ाकू विमानों की कीमत पर फैसला लेना अदालत का काम नहीं है.