मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा- देश में कॉमन सिविल कोड होना चाहिए

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देश के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की 91वीं जयंती पर आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके जीवन पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन किया।
लखनऊ उड़ीसा के भुवनेश्वर से कल रात लौटने के बाद आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में सक्रिय हैं। देश के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की 91वीं जयंती पर आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके जीवन पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन किया।
विधानभवन के सेंट्रल हाल में आयोजित कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने कहा चंद्रशेखर जी के विचार आज भी जीवंत हैं,चंद्रशेखर जी ने समाजवाद को जातिवाद नहीं बनने दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा इस देश में कॉमन सिविल कोड होना चाहिए। चंद्रशेखर इस बात के हिमायती थे। योगी चंद्रशेखर पर लिखी एक पुस्तक के लोकार्पण के बाद विधानसभा के सेंट्रल हाल में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने तीन तलाक के मसले पर सवाल उठाया और कहा कि जो लोग मौन हैं वह भी दोषी हैं। योगी ने महाभारत के हवाले से द्रोपती चीर हरण का उदाहरण पेश करते हुए यह बात रखी।
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उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर जी में कड़वा बोलने का साहस था। वह सभी बातों को बड़ी ही बेबाकी से कहते थे। चंद्रशेखर जी ने ही हमेशा कहा था कि कश्मीर का अगर एक टुकड़ा गया तो देश की एकता चली जाएगी।
चंद्रशेखर जी ने कांग्रेस के खिलाफ भी आवाज उठाई थी और उन्हें जेल जाना पड़ा था। चंद्रशेखर जी ने वोट बैंक की राजनीति कभी नही की। चंद्रशेखर जी ने कभी समाजवाद को कभी जातिवाद और गुंडा राज का अखाड़ा नही बनने दिया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा चंद्रशेखर राष्ट्र की समस्याओं के लिए समर्पित थे। चन्द्रशेखर जी में बात समझने की अद्भुत क्षमता थी। उनके भाषण में सत्य होता था। संसद में उनके भाषण को सुनते थे। उन्होंने कहा कि विचारधारा कोई भी हो, लक्ष्य लोक कल्याण हो वैचारिक क्रांति के बिना कोई क्रांति संभव नहीं। जिसने जन्म लिया है, उसका मरना तय है, मनुष्य का जन्म और मरण एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है।