
एनडीए के साथ सरकार बनाने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने महागठबंधन टूटने की वजह बताते हुए पीएम मोदी की तारीफों के पुल बांधे. उन्होंने विपक्षी दलों को चुनौती देते हुए कहा कि मोदी से कोई मुकाबला करने की कूवत किसी में नहीं है. बीजेपी के साथ जुड़ने पर कहा कि यह पहले से तय नहीं था. अचानक बनी परिस्थितियों के कारण ऐसा हुआ.
उन्होंने कहा कि मैंने पूरी क्षमता के साथ गठबंधन चलाने की कोशिश की लेकिन राजद की तरफ से कई बार आपत्तिजनक बयान आए. तेजस्वी मामले में आरजेडी द्वारा चुप्पी साध लेने पर मेरे पास दूसरा कोई विकल्प नहीं था. यही गठबंधन टूटने की अहम वजह रही. उन्होंने स्पष्ट किया कि हम सहयोगी हो सकते हैं, फ़ॉलोअर नहीं होंगे. केंद्र सरकार में शामिल होने की चल रही संभावनाओं पर कहा कि अभी कोई फैसला नहीं.

















