शाहीन बाग प्रदर्शनकारियों से बात करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्त किए मध्यस्थ

774

उच्चतम न्यायालय में सोमवार को शाहीन बाग मामले पर सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि लोकतंत्र लोगों की अभिव्यक्ति से ही चलता है लेकिन इसकी एक सीमा है। यदि हर कोई रोड ब्लॉक करने लगा तो ऐसा कैसे चलेगा। अदालत ने वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन को प्रदर्शकारियों से बात करने की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें प्रदर्शनकारियों से बात करके प्रदर्शनस्थल बदलने के लिए मनाने को कहा है। इसके लिए उन्हें एक हफ्ते का समय दिया गया है। अदालत ने दोनों वकीलों से कहा है कि यदि वह चाहें तो वजाहत हबीबुल्ला को अपने साथ ले सकते हैं। साथ ही अदालत ने केंद्र, दिल्ली पुलिस और सरकार को प्रदर्शनकारियों से बात करने के लिए कहा है। अब अगली सुनवाई सोमवार 24 फरवरी को होगी।